बाढ़ में अपने घर को सुरक्षित बनाये

भारत विश्व का दूसरा बाढ़ प्रभावित देश है। बाढ़ एक ऐसी स्थिति है जिसमें कोई निश्चित भूक्षेत्र अस्थायी रूप से जलमग्न हो जाता है और जन-जीवन प्रभावित हो जाता है। बाँध टूटना, जलतरंगों की गति बढ़ना, मानसून की अधिकता आदि। भौतिक हानि (इमारतों व घरों का जलमग्न होना) जन स्वास्थ्य को नुकसान (बाढ़ में बीमारी फैलने का खतरा) फसलों और खाद्यान्न पूर्ति पर प्रभाव बचाव के कुछ उपाय 1. बहुउद्देशीय भूस्खलन शिविर 2इंजीनियर द्वारा स्वीकृत ढाँचे (इमारतें)

अपने परिवेश को जाने

नये इलाके में आने पर निची जगहों का पता लगाये।
पहले से ही स्थानीय ऊंची इलाके की और भागने का रस्ता सोच के रखें। कुछ रास्ते बन्द हो सकते हैं, कृपया एकाधिक रस्ता सोच के रखें।
आपातकालीन सेवायें – पुलिस, अस्पताल और फायर ब्रिगेड (दमकल विभाग) का फोन नम्बर अपने पास रखे और घरवालों के पास भी रखे।

कुछ सामान घर पर इक्ठटा रखें

1) अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां बाढ़ की सम्भावना होतो पहले से आपातकालीन निर्माण वस्तुओ को इक्ठटा करें।
जैसे –
प्लावुड
प्लास्टिक/टार्पौलिन
काठ
कीला
हथौड़ा
आरी
बेलचा/खुरपा,
बाली से भरा बोरा, इत्यादि।
2) आपातकालीन स्तिथिओं के लिये कुछ सामान अपने पास थैली में रखें
जैसे –
टार्च और अतिरिक्त बैटरियाँ (सेल)
बैटरी-चालित रैडियो/ट्रान्सिस्टर और अतिरिक्त बैटरियां (सेल)
बैन्डेज़, गौज़, कटने-जलने की दवा
पेट खराब, बुखार, दर्द इत्यादि की दवा (और जो दवा घर के कोइ सदस्य को नियमित लेना पड़ता है)
पीने की पानी की बोतल (हर आदमी तथा औरत को हर दिन तीन लीटर पानी लगता है)
खाने का समान
पैसे
3) अपने ज़रूरी कागज़ात इकट्ठा रखे।
4) घर के बाढ़ बीमा करवायें और बीमा के कागज़ भी साथ रखें।
5) घर के कीमती सामान (फ्रीज़, टीवी) की सूची बनाये और उनके तस्वीरे भी खीचके रखें।

अपने घर को सुरक्षित बनाये

घर के पहली मंज़िल के दीवारों के लिये उन्हे जल-रोधक केमिकल से सील करे
घर के गन्दे पानी की ड्रेन में वाल्व लगवाये ताकि बाढ़ की पानी वहां से घर में न घुसे। आपातकालीन स्थिति में आप रबर कि गेंद इस्तमाल कर सकते हैं।
घर के गीजर, फर्नेस और स्विच/प्लग पायन्ट कमरे के ऊपरी हिस्से में लगवाये।

अपने परिवारवालों को आपातकालीन स्थिति के लिये तैयार करें

आफ़त आने पर यह सम्भव है कि आप और आपके घरवाले दफ्तर/कर्मस्थल/पाठशाला में फंस जायें।
इस स्थिति में दूसरे शहर में रहने वाले दोस्त/रिश्तेदार को पहले से ‘सम्पर्क-व्यक्ति’ निर्णय कर के रखें।
आपातकालीन स्तिथि में अक्सर दूर की टेलिफोन (एस.टी.डी) लायने काम करती है, पर स्थानिय (लोकल) फोन नहीं चलते।
यह ज़रूर जाँच ले कि घर में सबको इस व्यक्ति का नाम, पता और टेलिफोन नम्बर पता है।
बिजली, पानी और गैस के लाइने बन्ध करना सीखे और घर में सबको सीखाये। बाढ़ में इन्हे बन्ध करना आवश्यक हो सक्ता है।

पंचमेल
गाड़ी की टैन्क में पेट्रोल तथा डीजल हमेशा भर कर रखने की कोशिश करे। बाढ़ के समय अक्सर पम्प बन्द रहते हैं।

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