बेलन घाटी का पुरातात्विक महत्व

बेलन नदी घाटी टोंस (तमस) नदी की सहायिका बेलन नदी का प्रवाह क्षेत्र है। बेलन नदी उत्तर प्रदेश राज्य के सोनभद्र जिले से निकल कर, मिर्जापुर जिले से होते हुए, इलाहाबाद जिले में टोंस नदी से मिलती है। टोंस नदी स्वयं गंगा की सहायिका है जो इलाहाबाद के पूर्व में गंगा में मिलती है। बेलन और टोंस का संगम, देवघाट नामक स्थान से कुछ दूरी पर, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के पास होता है, जहाँ या मार्ग टोंस नदी को पार करता है।

पुरातात्विक महत्व

बेलन नदी घाटी पुरातात्विक खोजों के कारण प्रसिद्द है। नदी के आसपास किये गए पुरातात्विक उत्खननों में उच्च पाषण युग के अवशेष पाए गए हैं[1] जिनके अब से लगभग 17, 000 वर्ष पुराने होने का अनुमान कार्बन डेटिंग द्वारा किया गया है। इस काल की मातृदेवी की मूर्ति इनमें प्रमुख है जो लोंहदा नाले के समीप से प्राप्त की गयी और अस्थि निर्मित है। बेलन घाटी की खुदाई जी.आर.शर्मा के निर्देशन में कराई गई थी।

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