खगोलीय मध्य रेखा

खगोलशास्त्र में खगोलीय मध्य रेखा पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर आसमान में काल्पनिक खगोलीय गोले पर बना हुआ एक काल्पनिक महावृत्त (ग्रेट सर्कल) है।
पृथ्वी के उत्तरी भाग (यानि उत्तरी गोलार्ध या हॅमिस्फ़ेयर) में रहने वाले अगर खगोलीय मध्य रेखा की तरफ़ देखना चाहें तो आसमान में दक्षिण की दिशा में देखेंगे। उसी तरह पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में रहने वाले खगोलीय मध्य रेखा की तरफ़ देखने के लिए आकाश में उत्तर की तरफ़ देखेंगे। पृथ्वी के भूमध्य में रहने वाले खगोलीय मध्य रेखा की ओर देखने के लिए ठीक अपने सिर के ऊपर देखेंगे। खगोलीय मध्य रेखा से खगोलीय वस्तुओं के स्थानों के बारे में बताना आसान हो जाता है। उदहारण के लिए हम कह सकते हैं के ख़रगोश तारामंडल खगोलीय मध्य रेखा के ठीक दक्षिण में है।

अन्य भाषाओँ में
“खगोलीय मध्य रेखा” को अंग्रेज़ी में “सॅलॅस्टियल इक्वेटर” (celestial equator) कहते हैं। “खगोलीय गोले” को अंग्रेज़ी में “सॅलॅस्टियल स्फ़ेयर” (celestial sphere), फ़ारसी में “करा-ए-आसमान” और बंगाली में “ख-गोलोक” कहते हैं।
सूर्यपथ से कोण
क्योंकि अपने कक्षा में सूरज की परिक्रमा करती हुई पृथ्वी का अक्ष (ऐक्सिस) 23.4° के कोण (ऐंगल) पर है इसलिए यही कोण सूर्यपथ (ऍक्लिप्टिक) और खगोलीय मध्य रेखा में भी है।

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