बंगाल की खाड़ी भाग -1

बंगाल की खाड़ी विश्व की सबसे बड़ी खाड़ी है और हिंद महासागर का पूर्वोत्तर भाग है। यह मोटे रूप में त्रिभुजाकार खाड़ी है जो पश्चिमी ओर से अधिकांशतः भारत एवं शेष श्रीलंका, उत्तर से बांग्लादेश एवं पूर्वी ओर से बर्मा (म्यांमार) तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह से घिरी है। बंगाल की खाड़ी का क्षेत्रफल 2,172,000 किमी² है। प्राचीन हिन्दू ग्रन्थों के अन्सुआर इसे महोदधि कहा जाता था।
बंगाल की खाड़ी 2,172,000 किमी² के क्षेत्रफ़ल में विस्तृत है, जिसमें सबसे बड़ी नदी गंगा तथा उसकी सहायक पद्मा एवं हुगली, ब्रह्मपुत्र एवं उसकी सहायक नदी जमुना एवं मेघना के अलावा अन्य नदियाँ जैसे इरावती, गोदावरी, महानदी, कृष्णा, कावेरी आदि नदियां सागर से संगम करती हैं। इसमें स्थित मुख्य बंदरगाहों में चेन्नई, चटगाँव, कोलकाता, मोंगला, पारादीप, तूतीकोरिन, विशाखापट्टनम एवं यानगॉन हैं।

परिधि
अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन ने बंगाल की खाड़ी की परिधि इस प्रकार बतायी हैं
पूर्व में बर्मा स्थित केप नेग्राइस (16°03’उ.) से आरंभ होती एक रेखा जो अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बड़े द्वीपों से इस प्रकार निकलती है, कि द्वीपों के बीच के सभी जलस्थान रेखा के पूर्व में आयें एवं बंगाल की खाड़ी से बाहर गिने जायें, लिटिल अंडमान (10°48’उ. 92°24’पू.) स्थित एक बिन्दु तक जाती हो से सीमित होकर अंडमान सागर की दक्षिण-पश्चिमी सीमा के साथ [ओएद्जॉन्ग राजा (5°32′N 95°12′E) नामक सुमात्रा के एक स्थान से पोएलो ब्रास (Breuëh) तक सीमित हो तथा दूसरी ओर निकोबार द्वीपसमूह के पश्चिमी द्वीपों से होते हुए लिटिल अंडमान द्वीप स्थित सैण्डी प्वाइण्ट तक, इस प्रकार कि सभी संकरे जलस्थान बर्मा-सागर से जुड़े रहें] जाती है।
दक्षिण की ओर राम सेतु (भारत एवं सीलोन [श्रीलंका]) के बीच एवं सीलोन के दक्षिणतम बिन्दु डोण्ड्रा हेड से लेकर पोएलो ब्रास (5°44′N 95°04′E) की उत्तरी सीमा तक।

नामकरण

प्राचीन हिन्दू ग्रन्थों एवं मान्यता अनुसार बंगाल की खाड़ी नामक जलराशि को महोदधि नाम से जाना जाता था। इसके अलावा अन्य मध्यकालीन मानचित्रों में इसे साइनस गैन्जेटिकस या गैन्जेटिकस साइनस, अर्थात “गंगा की खाड़ी” नाम से भी दिखाया गया है। 10वीं शताब्दी में चोल राजवंश के नेतृत्त्व में निर्मित ग्रन्थों में इसे चोल सरोवर नाम भी दिया गया है। कालांतर में इसे बंगाल क्षेत्र के नाम पर बंगाल की खाड़ी नाम मिला।
नदियाँ
भारतीय उपमहाद्वीप की बहुत सी प्रसिद्ध एवं बड़ी नदियाँ पश्चिम से पूर्ववत बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में सागर-संगम पाती हैं। गंगा इनमें से उत्तरतम नदी है। इसकी प्रमुख धारा भारत से बांग्लादेश में प्रवेश कर पद्मा नदी नाम से निकलकर वहीं मेघना नदी से मिल जाती है। इसके अलावा ब्रह्मपुत्र पूर्व से पश्चिमी ओर बहकर भारत के असम से बांग्लादेश में प्रवेश करती है और दक्षिणावर्ती होकर जमुना नदी कहलाती है। जमुना पद्मा से मिलती है और पद्मा मेघना नदी से मिलती है। इसके बाद ये अन्ततः बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। वहां गंगा, ब्रह्मपुत्र एवं मेघना विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरबन बनाती हैं जो आंशिक रूप से भारत के पश्चिम बंगाल एवं बांग्लादेश (पूर्व नाम पूर्वी बंगाल) में आता है। इस मुहाने पर मैन्ग्रोव के घने जंग क्षेत्र हैं। ब्रह्मपुत्र 2,948 कि॰मी॰ (1,832 मील) लम्बी विश्व की 28वीं बड़ी नदी है। इसका उद्गम तिब्बत में है। गंगा नदी की एक अन्य धारा भारत में पश्चिम बंगाल में ही अलग होकर हुगली नां से कोलकाता शहर से होकर बंगाल की खाड़ी के भारतीय भाग में ही गिरती है।
बंगाल के दक्षिण में, महानदी, गोदावरी, कृष्णा नदी एवं कावेरी नदियाँ भारतीय उपमहाद्वीप में पश्चिम से पूर्वाभिमुख बहने वाली और बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली प्रमुख नदियां हैं। इनके अलावा कई छोटी नदियाम सीधे ही इस खाड़ी में भी गिरती हैं, जिनमें से लघुतम नदी 64 कि॰मी॰ (40 मील) लम्बी कोउम नदी है।
बर्मा की इरावती नदी भी इस खाड़ी के एक भाग, अंडमान सागर में ही गिरती है जिसके मुहाने पर एक समय घने मैन्ग्रोव जंगल हुआ करते थे।

जहाजपत्तन एवं बंदरगाह
विश्व के सबसे बड़े बंदरगाहों में से कुछेक— चटगांव बांग्लादेश में, तथा चेन्नई बंदरगाह भारत में— इसी खाड़ी में स्थित हैं। इनके अलावा अन्य बड़े बंदरगाह नगरों में मोंगला, कलकत्ता (पश्चिम बंगाल एवं भारत की पूर्व राजधानी) तथा यंगून, बर्मा का सबसे बड़ा शहर एवं पूर्व राजधानी, आते हैं। अन्य भारतीय बंदरगाहों में काकीनाडा, पॉण्डीचेरी, पारादीप एवं विशाखापट्टनम भी हैं।
द्वीप
इस खाड़ी क्षेत्र में बहुत से द्वीप एवं द्वीपसमूह हैं, जिनमें प्रमुख हैं भारत के अंडमान द्वीपसमूह, निकोबार द्वीपसमूह एवं मेरगुई द्वीप। बर्माई तट के पूर्वोत्तर में चेदूबा एवं अन्य द्वीपसमूह दलदली ज्वालामुखी श्रेणी में आते हैं जो कभी कभार सक्रिय भी हो जाते हैं। अंडमान द्वीपसमूह में ग्रेट अंदमान द्वीपशृंखला प्रमुख है, वहीं रिचीज़ द्वीपसमूह लघु द्वीपों की शृंखला है। अंदमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के कुल 572 ज्ञात द्वीपों में से मात्र 37 द्वीपों एवं लघुद्वीपों, अर्थात केवल 6.5% पर ही आबादी हैं।

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