रक्त समूह जांच की प्रक्रिया

रक्त वर्ग जांच हेतु आवश्यक सभी सामाग्री टेबल पर व्यवस्थित ढंग से निकालकर रखें|रक्त समूह की जांच हेतु समूह की जानकारी चार्ट मे बनाकर तैयार रेखे| मे जांच हेतु उपस्थित व्यक्ति के हांथ को स्पिरिट से जंतुरहित करें|काँच की तीन स्लाइड टेबल पर निकालें|लेनसेट की सहायता से जिस व्यक्ति के रक्त वर्ग की जांच कर्णी है उस व्यक्ति के बाएँ हाथ की चिंगुनी उंगली के बगल को उंगली को प्रिक करें|उंगली से निकाला हुआ रक्त काँच पर तीन जगह बूंदें लें|काँच की स्लाइड पर लिए गए रक्त की बुँदे में एंटीसिरा A,B,D की तीन बूंदें डालना|दूसरे साफ काँच से काँच की स्लाइड से रक्त और एंटीसिरा को मिलाना|एक साथ मिलाये गए क्या रक्त की गांठ तैयार होती हैउसे देखें और चार्ट का उपयोग करें ताकि सही रक् समूह बताया जा सकें|जिस व्यक्ति का जांच लिया गया है उसकी जानकारी कापी मे नोट करे |रक्त वर्ग जाँचें गए काँच की स्लाइड को स्वच्छ पानी से धोना चाहिए|जांच पूर्ण होने के बाद किस वर्ग का व्यक्ति अन्य किस वर्ग के व्यक्ति को रक्त दान कर सकता है उसके बारें मे अध्ययन |
RH फैक्टर क्या है
ह्रीसस जाती का बंदर के रक्त मे लाल पेशियों पर विशेष प्रकार का एक एंटीजेन होता है|वही एंटीजन कुछ लोगों के रक्त मे लाल पेशियों पर भी होते हैं|इस तरह के लोगों के रक्त को Rh+veकहा जाता है|जिनके लाल पेशियों में एंटीजन नहीं होता,इस तरह के लोगों के रक्त को RH-veकहा जाता है|RH-ve रक्त नही दिया जा सकता है|
रक्त वर्ग जांच का लाभ
किसी भी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है ,तब उसे उसी का रक्त वर्ग देना पड़ता है |रक्त वर्ग बताते समय रक्त वर्ग तथा Rh फेक्टर दोनों बताना आवश्यक है

रक्त समूह प्रणाली
अब 29 मानव रक्त समूह प्रणालियों (human blood group systems) को अंतर्राष्ट्रीय रक्ताधन संप्रदाय (International Society of Blood Transfusion) (ISBT) के द्वारा मान्यता प्राप्त हैंएक पूर्ण रक्त प्रकार लाल रक्त कोशिकाओं की सतह के पूरे 29 पदार्थों के जत्थे का वर्णन करेगा और एक व्यक्ति का रक्त प्रकार रक्त समूह प्रतिजनों के कई संभव संयोजनों में से एक है29 रक्त समूहों में, 600 से अधिक विभिन्न रक्त समूह प्रतिजन पाये गए हैं, लेकिन इन में से कई बहुत विरले हैं या फिर मुख्य रूप से कुछ जातीय समूहों में पाये जाते हैं
लगभग हमेशा, एक व्यक्ति के जीवन के लिए एक ही रक्त समूह है, लेकिन बहुत कम ही किसी व्यक्ति का रक्त प्रकार प्रतिजन की वृद्धि या दमन से व्यक्ति का रक्त प्रकार संक्रमण (infection), हानिकरता या autoimmune रोग (autoimmune disease). में परिवर्तित हो सकता है इस दुर्लभ घटना मामले का एक अनूठा उदाहरण है डेमी-ली Brennan (Demi-Lee Brennan), एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक का मामला जिन का रक्त वर्ग जिगरप्रत्यारोपण (transplant). के बाद बदल गया रक्त प्रकार बदलने में एक और अधिक आम कारण अस्थि मज्जा का प्रतिस्थापन है। अन्य बीमारियों में शामिल, अधिश्वेत रक्तता और lymphoma के लिए अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण किया जाता है यदि किसी व्यक्ति को अन्य ABO प्रकार वाले से अस्थि मज्जा मिले (उदाहरण के तौर पर प्रकार A रोगी को प्रकार O अस्ति मज्जा मिले), रोगी का रक्त प्रकार अंततः दाता के प्रकार में परिवर्तित हो जायेगा
कुछ रक्त प्रकार अन्य रोगों की विरासत के साथ जुड़े हैं, उदाहरण के लिए, Kell प्रतिजन (Kell antigen) कभी कभी McLeod सिंड्रोम (McLeod syndrome). के साथ जुड़ा होता हैकुछ रक्त प्रकार संक्रमण ग्रहण को प्रभावित कर सकते हैं, उदाहरण के तौर पर, जैसे डफी प्रतिजन (Duffy antigen). की कमी रखने वाले व्यक्तियों में विशिष्ट मलेरिया प्रजातियों के ख़िलाफ़ प्रतिरोधसंभवतः प्राकृतिक चयन (natural selection) के कारण मलेरिया के अधिक घटना क्षेत्रों में पाये जाने वाले जातीय समूहों में डफी प्रतिजन कम पाया जाता है

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