भारतीय फसलें तथा उनका वर्गीकरण

फसल या सस्य किसी समय-चक्र के अनुसार वनस्पतियों या वृक्षों पर मानवों व पालतू पशुओं के उपभोग के लिए उगाकर काटी या तोड़ी जाने वाली पैदावार को कहते हैं। मसलन…

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सोयाबीन की खेती में भूमि का चुनाव एवं तैयारी

सोयाबीन-[वैज्ञानिक नाम=”ग्लाईसीन मैक्स”] सोयाबीन फसल है। यह दलहन के बजाय तिलहन की फसल मानी जाती है। सोयाबीन दलहन की फसल है शाकाहारी मनुष्यों के लिए इसको मांस भी कहा जाता…

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नील हरित काई कल्चर के उत्पादन की ग्रामीण तकनीक

नील हरित शैवाल नील हरित शैवाल एक जीवाणु फायलम होता है, जो प्रकाश संश्लेषण से ऊर्जा उत्पादन करते हैं। यहां जीवाणु के नीले रंग के कारण इसका नाम सायनो से…

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मृदा संरक्षण की विधियाँ

मृदा संरक्षण मृदा संरक्षण (Soil conservation) से तात्पर्य उन विधियों से है, जो मृदा को अपने स्थान से हटने से रोकते हैं। संसार के विभिन्न क्षेत्रों में मृदा अपरदन को…

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गन्ने के उत्पादन के लिए भौगोलिक कारक

गन्ना (Sugarcane) भारत की एक प्रमुख नकदी फसल है, जिससे चीनी, गुड़, शराब आदि का निर्माण होता हैं। गन्ने का उत्पादन सबसे ज्यादा ब्राज़ील में होता है और भारत का…

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सरसों में खरपतवार नियंत्रण और कीट एवं रोग प्रबंधन

सरसों सरसों क्रूसीफेरी (ब्रैसीकेसी) कुल का द्विबीजपत्री, एकवर्षीय शाक जातीय पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम ब्रेसिका कम्प्रेसटिस है। पौधे की ऊँचाई 1 से 3 फुट होती है। इसके तने में…

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हरित क्रांति

भारत में हरित क्रांन्ति की शुरुआत सन 1966 ति प्रारम्भ करने का श्रेय नोबल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर नारमन बोरलॉग को जाता हैं।लेकिन भारत में एम. एस. स्वामीनाथन को इसका जनक…

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हरी खाद की फसल उगाने के लिये कृषि विधियाँ एवं मृदा पलटने की अवस्था

हरी खाद कृषि में हरी खाद (green manure) उस सहायक फसल को कहते हैं जिसकी खेती मुख्यत: भूमि में पोषक तत्त्वों को बढ़ाने तथा उसमें जैविक पदाथों की पूर्ति करने…

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कृषि का अर्थ और सम्पूर्ण इतिहास

कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य और अन्य सामान के उत्पादन से संबंधित है। कृषि एक मुख्य विकास था, जो सभ्यताओं के उदय का कारण बना, इसमें पालतू…

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