भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की प्रमुख कृतियाँ

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (9 सितंबर 1850-6 जनवरी 1885) आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह कहे जाते हैं। वे हिन्दी में आधुनिकता के पहले रचनाकार थे। इनका मूल नाम ‘हरिश्चन्द्र’ था, ‘भारतेन्दु’ उनकी…

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संबंधबोधक के प्रकार

जो शब्द संंज्ञा या सर्वनाम का संबंध वाक्य के अन्य शब्दों के साथ बताते हैं उन्हें संबंधबोधक कहते हैं। जो अविकारी शब्द संज्ञा, सर्वनाम के बाद आकर वाक्य के दूसरे…

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पर्यायवाची शब्द

सूर्य — सूर्य, रवि, भास्कर, भानु, दिनकर, दिवाकर । चन्द्रमा — चन्द्र,हिमांशु,शशि,हिमकर,राकेश, रजनीश,मयंक,विधु,सुधाकर,कलानिधि,निशापति,शशांक । पत्थर — पाषाण, प्रस्तर, पाहन । पानीन— जल, वारि, नीर, तोय, सलिल, अंबु, सर। आकाश —…

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कफ़न प्रेमचंद द्वारा रचित कथासंग्रह

कफ़न प्रेमचंद द्वारा रचित कथासंग्रह है। इसमें प्रेमचंद की अंतिम कहानी कफन के साथ अन्य 13 कहानियाँ संकलित हैं। पुस्तक में शामिल प्रत्येक कहानी मानव मन के अनेकदृश्यों, चेतना के…

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हास्य रस तथा उसका साहित्य

जैसे जिह्वा के आस्वाद के छह रस प्रसिद्ध हैं उसी प्रकार हृदय के आस्वाद के नौ रस प्रसिद्ध हैं। जिह्वा के आस्वाद को लौकिक आनंद की कोटि में रखा गया…

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कारक के भेद

रूपविज्ञान के सन्दर्भ में, किसी वाक्य, मुहावरा या वाक्यांश में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ उनके सम्बन्ध के अनुसार रूप बदलना कारक कहलाता है। अर्थात् व्याकरण में संज्ञा…

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गोदान उपन्यास का सारांश

गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है। कुछ लोग इसे उनकी सर्वोत्तम कृति भी मानते हैं। इसका प्रकाशन 1936 ई० में हिन्दी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, बम्बई…

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विलोम शब्द

शब्द – विलोम संशय अच्छा – बुरा राजा – रंक या रानी या प्रजा पूर्ण – अपूर्ण स्त्री – पुरुष कृतज्ञ – कृतघ्न *असुर तुच्छ – महान गुण – अवगुण…

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उपसर्ग

उपसर्ग क्या है? उपसर्ग ऐसे शब्दांश जो किसी शब्द के पूर्व जुड़ कर उसके अर्थ में परिवर्तन कर देते हैं या उसके अर्थ में विशेषता ला देते हैं। जैसे-उप+कार=उपकार हिन्दी…

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संधि और संधि के भेद

सन्धि (सम् + धि) शब्द का अर्थ है ‘मेल’ या जोड़। दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है वह संधि कहलाता है। संस्कृत, हिन्दी एवं…

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