थोरियम के गुण धर्म और उपयोग

थोरियम (Thorium) आवर्त सारणी के ऐक्टिनाइड श्रेणी (actinide series) का प्रथम तत्व है। पहले यह चतुर्थ अंतर्वर्ती समूह (fourth transition group) का अंतिम तत्व माना जाता था, परंतु अब यह…

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लैंगिक असामान्यताएँ और लैंगिक परिवर्तन

लैंगिक असामान्यताएँ (Sexual abnormalities) अवियोजन की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप लैंगिक असामान्यताएँ हो जाती हैं। ये असामान्यताएँ मुख्यत: तीन प्रकार की होती हैं : (1) स्त्री पुरूष (2) उभयलिंगी तथा (3)…

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लिंग निर्धारण का संतुलन सिद्धांत

वनस्पतियों तथा जंतुओं का समुचित अध्ययन करने पर यह पाया गया है कि लिंग का निर्धारण नर और मादा प्रवृत्तियों का ही एकमात्र परिणाम नहीं होता। भ्रूण के विकास के…

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लिंग का विकास तथा निर्धारण

जनन का इतिहास देखा जाए तो ज्ञात होगा कि संसार के आदि जीवों की उत्पत्ति अलैंगिक (asexual) ढंग से हुई; जैसे प्रोटोज़ोआ (Protozoa) तथा प्रोटोफ़ाइटा (Protophyta) के अनेक रूपों में…

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नाभिकीय उर्जा

नियंत्रित नाभिकीय अभिक्रियाओं के परिणामस्वरूप प्राप्त उर्जा नाभिकीय उर्जा या परमाणु उर्जा कहलाती है। दो प्रकार की नाभिकीय अभिक्रियाओं से नाभिकीय उर्जा प्राप्त हो सकती है – नाभिकीय संलयन एवं…

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समावयवता के प्रकार

रासायनिक यौगिकों का जब सूक्ष्मता से अध्ययन किया गया, तब देखा गया कि यौगिकों के गुण उनके संगठन पर निर्भर करते हैं। जिन यौगिकों के गुण एक से होते हैं…

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प्रकाशिक समावयवता

त्रिविम समावयवता यौगिकों के अणुभार और संरचना के एक रहते हुए भी परमाणुओं के विभिन्न दिशाओं में व्यवस्थित रहने के कारण यौगिक में समावयवता हो सकती है। ऐसी समावयवता को…

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ऐल्यूमिनियम के यौगिक

ऐल्यूमिनियम को संक्षारण से बचाना बेंगफ (Bengough) और सटन ने 1926 ई. में एक विधि निकाली जिसके द्वारा ऐल्यूमिनियम धातु पर उसके आक्साइड का एक पटल इस दृढ़ता से बन…

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एलुमिनियम के गुण

एलुमिनियम एक रासायनिक तत्व है जो धातुरूप में पाया जाता है। यह भूपर्पटी में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु है। एलुमिनियम का एक प्रमुख अयस्क है –…

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द्रव्यमान तथा ऊर्जा की समतुल्यता

सन् 1905 ई. में आइन्स्टाइन ने अपना आपेक्षिक सिद्धांत प्रतिपादित किया जिसके अनुसार कणों का द्रव्यमान उनकी गतिज ऊर्जा पर निर्भर रहता है। इसका यह अर्थ है कि ऊर्जा का…

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