सुकेन्द्रिक तथा अकेन्द्रिक में अंतर

सुकेंद्रिक या युकेरियोट (eukaryote) एक जीव को कहा जाता है जिसकी कोशिकाओं (सेल) में झिल्लियों में बंद असरल ढाँचे हों। सुकेंद्रिक और अकेंद्रिक (प्रोकेरियोट) कोशिकाओं में सबसे बड़ा अंतर यह होता है कि सुकेंद्रिक कोशिकाओं में एक झिल्ली से घिरा हुआ केन्द्रक (न्यूक्लियस) होता है जिसके अन्दर आनुवंशिक (जेनेटिक) सामान होता है। जीवविज्ञान में सुकेंद्रिक कोशिकाओं वाले जीवों के टैक्सोन को ‘सुकेंद्रिक’ या ‘युकेरियोटी’ (eukaryota) कहते हैं।
शब्दोत्पत्ति
यूनानी भाषा में ‘यु’ (ευ, eu) का मतलब ‘अच्छा’ और ‘केरी’ (καρυ, kary) का मतलब ‘बीज’ या (बादाम या अख़रोट की) ‘गरी’ होता है। युकेरियोट कोशिकाओं में एक स्पष्ट केंद्र (केन्द्रक, यानि न्यूक्लियस) होता है इसलिए उन्हें ‘अच्छा बीज’ या ‘युकेरियोट’ कहा जाता है। संस्कृत और यूनानी दोनों हिन्द-यूरोपीय भाषाएँ हैं, इसलिए उनमें बहुत से सजातीय शब्द हैं। यही सजातीयता ‘यु-सु’ में है।

अकेन्द्रिक

अकेंद्रिक या प्रोकेरियोट (prokaryote) ऐसे जीव को कहा जाता है जिसकी कोशिकाओं (सेल) में झिल्लियों में बंद केन्द्रक (न्यूक्लियस) जैसे कोई असरल ढाँचे न हों। इनके विपरीत सुकेंद्रिक या (युकेरियोट) कोशिकाओं में एक झिल्ली से घिरा हुआ केन्द्रक (न्यूक्लियस) होता है जिसके अन्दर आनुवंशिक (जेनेटिक) सामान होता है। अधिकतर अकेंद्रिक जीव एककोशिकीय होते हैं हालाँकि कुछ के जीवनक्रम में कभी-कभी एक बहुकोशिकीय अंतराल भी आता है।
शब्दोत्पत्ति
यूनानी भाषा में ‘प्रो’ (πρό, pro) का मतलब ‘(किसी चीज़ से) पहले’ और ‘केरी’ (καρυ, kary) का मतलब ‘बीज’ या (बादाम या अख़रोट की) ‘गरी’ होता है। यानि प्रोकेरियोट कोशिकाएँ केन्द्रक के बनने से पहले की (अधिक रूढ़ी) कोशिकाएँ हैं।

Leave a Comment