चांदोली राष्ट्रीय उद्यान का वनस्पति और जीव

चांदोली राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्र में सतारा, कोल्हापुर और सांगली जिलों में फैला एक राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे मई 2004 में स्थापित किया गया था। इससे पहले यह 1985 में घोषित वन्यजीव अभयारण्य था। चांदोली बांध के पास स्थित इस उद्यान का कुल क्षेत्रफल 317.67 वर्ग किलोमीटर है। 2004 में इस उद्यान को राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया था। समुद्र स्तर से 1900 से 3300 फीट की ऊंचाई पर राधानगिरी और कोयना वन्यजीव अभयारण्यों के बीच स्थित इस उद्यान को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत केंद्र घोषित किया गया है।
चांदोली के लिए निकटतम हवाई अड्डा कोल्हापुर से 30 किलोमीटर दूर उरुन इस्लामपुर हवाई अड्डा है।

इतिहास
उद्यान के ऐतिहासिक स्थानों में 17 वीं शताब्दी के शिवाजी के किले, प्रछित्गढ़ और भैरवगढ़ शामिल हैं। अधिकांश संरक्षित क्षेत्र का उपयोग शिवाजी महाराज के शासन के दौरान प्रारंभिक शाही मराठा विजय के ‘युद्ध बंदियों’ के लिए एक खुली जेल के रूप में किया गया था। संभाजी ने प्रछित्गढ़ का उपयोग एक अवलोकन बिंदु और मनोरंजक स्थान के रूप में किया था।
भूगोल
यह उद्यान उत्तरी पश्चिमी घाट की सह्याद्रि रेंज के शिखर पर फैला हुआ है। उद्यान की ऊंचाई 589-1,044 मीटर (1,932–3,425 फीट) है।
मौसम
सर्दियों की मौसम में यहाँ की तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस और ग्रीष्म ऋतु में लगभग 20 डिग्री सेल्सियस से 30 डिग्री सेल्सियस तक होता है। जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने में यहाँ लगभग 3,500 मिमी (140 इंच) से अधिक भारी वर्षा होती है।
वनस्पति और जीव
यह उद्यान मलबार तट नम जंगलों और उत्तरी पश्चिमी घाटों के मिश्रित पर्णपाती जंगलों से घिरा हुआ है। जामुन, गूलर, ओलिया, आँवला, हरीतकी आदि यहाँ देखी जाने वाली कुछ पेड़ों की प्रजातियाँ हैं। उद्यान में पक्षियों की लगभग 123 प्रजातियाँ, स्तनधारियों की 23 प्रजातियाँ, उभयचर और सरीसृप की 20 प्रजातियाँ आदि पाई जाती हैं। यहाँ बाघ, तेंदुआ, गौर, भारतीय विशाल गिलहरी, साम्भर, भारतीय चित्तीदार मूषक मृग, काला हिरन आदि पाई जाती हैं।
चांदोली उद्यान जाने का आदर्श समय अक्टूबर से फरवरी है।

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