पुलीकट झील का भूगोल और स्थलाकृति

पुलीकट झील तमिलनाडु के तट पर 60 किलोमीटर लम्बी और 5 से 15 किलोमीटर चौड़ी एक झील है। यह एक छिछली अनूप है। इस झील की औसत गहराई 18 मीटर है। यह समुद्र से बालू की भित्ति द्वारा अलग होने से बनी है।
सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र इसी झील के निकट श्री हरिकोटा द्वीप पर स्थित है श्री हरिकोटा द्वीप में अवसादी निक्षेप के कई स्तर मिलते हैं जिन्हें समुद्री लहरों ने बिछाया है।

भूगोल और स्थलाकृति

पुलीकट झील 13.33° से 13.66° N और 80.23° to 80.25°E, के बीच स्थित है जबकि अगर इसके सूख चुके हिस्सों को भी शामिल किया जाय तो उत्तर में इसका विस्तार 14.0°N. तक है। इसका लगभग 84% हिस्सा आन्ध्र प्रदेश में और 16% हिस्सा तमिलनाडु राज्य में आता है।
झील का क्षेत्रफल ज्वार के दौरान 450 वर्ग किलोमीटर (170 वर्ग मील)और भाते के दौरान 250 वर्ग किलोमीटर (97 वर्ग मील) के आसपास रहता है। इसकी कुल लम्बाई 60 किलोमीटर (37 मील) और चौड़ाई लगभग 0.2 किलोमीटर (0.12 मील) से 17.5 किलोमीटर (10.9 मील) के बीच है।
जलवायु की दृष्टि से यह झील उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु के अंतर्गत आती है जहाँ तापमान लगभग 15 °से. (59 °फ़ै) से 45 °से. (113 °फ़ै) के मध्य रहता है।

संकटापन्न जलीय निकाय

हाल में हुए कुछ सर्वेक्षणों में पुलीकट झील के संकटग्रस्त होने का दावा किया गया है और इसके लिये मानवीय गतिविधियों को जिम्मेवार ठहराया गया है। एक सर्वेक्षण के मुताबिक इस झील का कुल सतही क्षेत्रफल पहले 450 वर्ग फीट हुआ करता था जो अब घटकर मात्र 350 वर्ग फीट हई रह गया है। इससे इस झील के बाशिंदों और यहाँ आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों के अस्तित्व पर संकट उत्पन्न हो गया है। यही नहीं इस झील की गहराई में कमी और लवणता में वृद्धि भी दर्ज की गयी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!