गैलापागोस द्वीप समूह का भूगोल

गैलापागोस द्वीप समूह प्रशांत महासागर में भूमध्य रेखा के आसपास फैले ज्वालामुखी द्वीपों का एक द्वीपसमूह है, जो महाद्वीपीय ईक्वाडोर के 972 किमी पश्चिम में स्थित है। यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है: वन्यजीवन इसकी सबसे प्रमुख विशेषता है।
गैलापागोस द्वीप समूह ईक्वाडोर के गैलापागोस प्रांत का निर्माण करते हैं साथ ही यह देश की राष्ट्रीय उद्यान प्रणाली का हिस्सा हैं। इस द्वीप की प्रमुख भाषा स्पेनिश है। इस द्वीपों की जनसंख्या 40000 के आसपास है, जिसमें पिछले 50 वर्षों में 40 गुना वृद्धि हुई है।
भौगोलिक रूप से यह द्वीपसमूह नये हैं और स्थानीय प्रजातियों की अपनी विशाल संख्या के लिए प्रसिद्ध है, जिनका चार्ल्स डार्विन ने अपने बीगल के खोजी अभियान के दौरान अध्ययन किया था। उनकी टिप्पणियों और संग्रह ने डार्विन के प्राकृतिक चयन द्वारा क्रम-विकास के सिद्धांत के प्रतिपादन में योगदान दिया।
विश्व के नये सात आश्चर्य फाउंडेशन द्वारा गैलापागोस द्वीपसमूह को प्रकृति के सात नए आश्चर्यों में से एक के लिए एक उम्मीदवार के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। फ़रवरी 2009 तक द्वीप की श्रेणी, समूह बी में द्वीपसमूह की वरीयता प्रथम थी।

नामोत्पत्ति

गैलापागो “Galápago” पुरानी स्पेनिश का एक शब्द है, जिसका अर्थ ‘काठी’ होता है। गैलापागोस के कुछ द्वीपों पर बड़ा गैलापागोस कछुआ पाया जाता है जिसका कवच एक पुरानी स्पेनिश काठी जैसा लगता था इसीलिए इन द्वीपोँ का नाम गैलापागोस पड़ गया। यह कछुआ एक अद्वितीय जानवर है और सिर्फ गैलापागोस द्वीप समूह में ही मिलता है, इतना होने पर भी सभी 13 प्रमुख द्वीपों पर इनकी कुल संख्या लगभग 200 ही है।
इन द्वीपों का पहला कच्चा नौवहन (नेविगेशन) चार्ट जलदस्यु एम्ब्रोस काउली द्वारा 1684 में तैयार किया गया था। उसने ज्यादातर द्वीपों के नाम अपने साथी समुद्री डाकुओं और उन कुछ अंग्रेज सज्ज्नों के नाम पर रखे थे जिन्होनें निजी पोतों के कप्तानों के हित के लिए काम किया था। अभी हाल ही में ईक्वाडोर सरकार ने अधिकतर द्वीपों को स्पेनिश नाम दिए हैं। जबकि स्पेनिश नाम आधिकारिक हैं, फिर भी कई प्रयोक्ता (विशेषकर पारिस्थितिक शोधकर्ता) पुराने अंग्रेजी नामों का ही प्रयोग करते हैं यह वह नाम हैं जिन्हें चार्ल्स डार्विन की यात्रा के दौरान उपयोग किया गया था।

भूगोल

यह द्वीप दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट से 973 किमी (604 मील) की दूरी पर पूर्वी प्रशांत महासागर में स्थित हैं। इनके सबसे निकट का भूप्रदेश ईक्वाडोर है, जिसका यह द्वीप एक हिस्सा भी हैं। यह ईक्वाडोर के पूर्व, कोकोस द्वीप के उत्तर 720 किमी (447 मील) और ईस्टर द्वीप और सैन फेलिक्स द्वीप के दक्षिण में 3200 किमी (1990 मील) पर स्थित हैं।
यह द्वीप 1°40’N-1°36’S, 89°16′-92°01’W निर्देशांक में मध्य पाए जाते हैं। द्वीपसमूह भूमध्य रेखा के दोनो ओर यानि उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में फैले हुए हैं और ईसाबेला द्वीप ठीक भूमध्य रेखा पर स्थित है। एस्पानॉला सबसे दक्षिण में और डार्विन सबसे उत्तरी में एक दूसरे से लगभग 220 किलोमीटर (137 मील)। की दूरी पर स्थित है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन (IHO) के अनुसार यह द्वीपसमूह पूर्णतया दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित है। गैलापागोस द्वीपसमूह 7880 वर्ग किमी (3042 वर्ग मील) के भूमि का प्रसार के साथ समुद्र के 45000 वर्ग किमी (28000 मील) से अधिक में फैले हैं।[1] सबसे बड़ा द्वीप ईसाबेला है, जिसका क्षेत्रफल 4640 वर्ग किमी है और यह द्वीप समूह के कुल भूमि क्षेत्र का लगभग आधा है। वोल्कन वुल्फ जिसकी ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 1707 मीटर (5600 फुट) है, ईसाबेला द्वीप पर स्थित द्वीपसमूह की सबसे ऊँची चोटी है।
द्वीपसमूह में 13 मुख्य द्वीप, 6 लघु द्वीप और 107 चट्टानें और टापू शामिल है। द्वीप गैलापागोस ट्रिपल जंक्शन पर स्थित हैं। माना जाता है कि सबसे पुराना द्वीप 5 और 10 लाख साल पहले बना था। सबसे नये द्वीप, ईसाबेला और फर्नान्दिना का निर्माण अभी तक चल रहा है, जिसमे अप्रैल 2009 का सबसे हाल का ज्वालामुखी विस्फोट शामिल है जब ज्वालामुखीय द्वीप फर्नान्दिना से लावा द्वीप की तटरेखा और केन्द्रीय ज्वालामुख-कुण्ड की दिशा में बहने लगा था।

मौसम

हालांकि यह द्वीप भूमध्य रेखा पर स्थित हैं, फिर भी हम्बोल्ट धारा (Humboldt Current) द्वीपों पर ठंडा पानी लाती है जिसके फलस्वरूप, वर्ष भर लगातार वर्षा होती रहती है। मौसम समय समय पर एल नीनो (El Niño) घटना जो गर्म तापमान और भारी वर्षा लाती है से प्रभावित रहता है।
“गरुया” नामक ऋतु (जून से नवम्बर तक) के दौरान समुद्र के आसपास का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर रहता है, साथ ही दक्षिण और दक्षिण पूर्व से ठंडी हवायें चलती हैं और दिन भर रूक रूक कर बौछारें (गरुया) पड़ती रहती हैं, साथ ही द्वीपों पर छाया घना कोहरा द्वीपों को ढके रहता है। ग्रीष्म ऋतु के दौरान (दिसंबर से मई तक) समुद्र और हवा का औसत तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है, हवा बिल्कुल नहीं चलती सूरज चमकता रहता है और अनायास ही तेज बारिश होती है।
बड़े द्वीपों पर ऊंचाई के साथ मौसम बदलता है। तापमान ऊंचाई के साथ धीरे धीरे कम हो जाता है जबकि ढलानों पर बादलों में आद्रता के संघनन के कारण वर्षा की तीव्रता बढ़ जाती है। ऊंचाई, द्वीप की स्थिति और मौसम के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर वर्षा में बड़े परिवर्तन होते हैं।
आद्र 1969 से संबंधित निम्नलिखित सारणी सांताक्रूज द्वीप के विभिन्न स्थानों पर वर्षा के बदलाव दिखाती है:

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