विश्व के प्रमुख मैदान, एक बार जरूर जानिए

धरातल पर मिलने वाले अपेश्राक्रत समतल निम्न भू-भाग को मैदान कह्ते हैं। इनका ढाल एकदम न्यून होता हैं तथा एसे क्षेत्रों में नदियों का प्रवाह धीमें पड़ जाता हैं।

मैदान का वर्गीकरण

स्थिति के अनुसार मैदानो का वर्गिकरण
1.तटीय मैदान
2.अन्तःस्थलीय मैदान

1.तटीय मैदान

सागर और नदी से 150-200 किमी की दूरी तक फैले भूभाग को तटीय मैदान कहा जाता है।

2.अन्तः स्थलीय मैदान

महाद्वीपों के आन्तरिक भाग मे नदियों के अवसाद के निक्षेपण से निर्मित भूभाग को अन्तःस्थलीय मैदान कहा जाता है।

विश्व के प्रमुख मैदान

1.सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान
2.कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका का ग्रेट प्लेन
3.अमेजन का मैदान
4.पेटागोनिया का मैदान
5.परम्पास का मैदान
6.फ्रांस का मैदान
7.युरोप का बड़ा मैदान
8.दक्षिणी सारबेरिया का मैदान
9.सहारा का मैदान
10.नील नदी का मैदान
11.अफ्रीका का पूर्वी तटीय का मैदान
12.अफ्रीका का पश्चिमी तटीय का मैदान
13.मालागासी का मैदान का मैदान
14.अरब का बड़ा का मैदान
15.चीन का मैदान
16.आस्ट्रेलिया का मैदान

1.सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान

हिमालय पर्वत की उत्पत्ति के पश्चात उसके दक्षिण तथा प्राचीन शैलों से निर्मित प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर में, दोनो उच्च स्थलों से निकलने वाली नदियों सिंधु गंगा ब्रह्मपुत्र आदि द्वारा जमा की गई जलोढ मिट्टि जे जमाव से उत्तर के विधाल मैदान का निर्माण हुआ हैं। यह मैदान धनुषाकार रूप में 3200 किलोमीटर की लम्बाई में भारत के 7.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर विस्तृत हैं।

मूलत: यह एक भू-अभिनति गर्त है जिसका निर्माण मुख्य रूप से हिमालय पर्वतमाला निर्माण प्रक्रिया के तीसरे चरण में लगभग 6-4 करोड़ वर्ष पहले हुआ था। तब से इसे हिमालय और प्रायद्वीप से निकलने वाली नदियाँ अपने साथ लाए हुए अवसादों से पाट रही हैं। इन मैदानों में जलोढ़ की औसत गहराई 1000 से 2000 मीटर है। उत्तरी भारत का मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा बहाकर लाए गए जलोढ़ निक्षेप से बना है। इस मैदान की पूर्व से पश्चिम लंबाई लगभग 3200 किलो मीटर है। इसकी औसत चौड़ाई 150 से 3000 किलोमीटर है। जलोढ़ निक्षेप की अधकतम गहराई 1000 से 2000 मीटर है। उत्तर से दक्षिण दिशा में इन मैदानों को तीन भागों में बाँट सकते हैं भाभर, तराई और जलोढ़ मैदान। जलोढ़ मैदान को आगे दो भागों में बाँटा जाता है- खादर और बाँगर।

भाभर 8 से 10 किलोमीटर चौड़ाई की पतली पट्टी है जो शिवालिक गिरिपाद के समानांतर फैली हुई है। उसके परिणामस्वरूप हिमालय पर्वत श्रेणियों से बाहर निकलती नदियाँ यहाँ पर भारी जल-भार, जैसे- बड़े शैल और गोलाश्म जमा कर देती हैं और कभी-कभी स्वयं इसी में लुप्त हो जाती हैं। भाभर के दक्षिण में तराई क्षेत्र है जिसकी चौड़ाई 10 से 20 किलोमीटर है। भाभर क्षेत्र में लुप्त नदियाँ इस प्रदेश में ध्रातल पर निकल कर प्रकट होती हैं और क्योंकि इनकी निश्चित वाहिकाएँ नहीं होती, ये क्षेत्र अनूप बन जाता है, जिसे तराई कहते हैं। यह क्षेत्र प्राकॄतिक वनस्पति से ढका रहता है और विभिन्न प्रकार के वन्य प्राणियों का घर है। तराई से दक्षिण में मैदान है जो पुराने और नए जलोढ़ से बना होने के कारण बाँगर और खादर कहलाता है।

इस मैदान में नदी की प्रौढ़ावस्था में बनने वाली अपरदनी और निक्षेपण स्थलाकॄतियाँ, जैसे- बालू-रोधका, विसर्प, गोखुर झीलें और गुंफित नदियाँ पाई जाती हैं। ब्रह्मपुत्र घाटी का मैदान नदीय द्वीप और बालू-रोधकाओं की उपस्थिति के लिए जाना जाता है। यहाँ ज्यादातर क्षेत्र में समय पर बाढ़ आती रहती है और नदियाँ अपना रास्ता बदल कर गुंफित वाहिकाएँ बनाती रहती हैं। उत्तर भारत के मैदान में बहने वाली विशाल नदियाँ अपने मुहाने पर विश्व के बड़े-बड़े डेल्टाओं का निर्माण करती हैं, जैसे- सुंदर वन डेल्टा। सामान्य तौर पर यह एक सपाट मैदान है जिसकी समुद्र तल से औसत ऊँचाई 50 से 100 मीटर है। हरियाणा और दिल्ली राज्य सिंधु और गंगा नदी तंत्रों के बीच जल-विभाजक है। ब्रह्मपुत्र नदी अपनी घाटी में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती है। परंतु बांग्लादेश में प्रवेश करने से पहले धुबरी के समीप यह नदी दक्षिण की ओर 90° मुड़ जाती है। ये मैदान उपजाई जलोढ़ मिट्टी से बने हैं। जहाँ कई प्रकार की फसलें, जैसे-गेहूँ, चावल, गन्ना और जूट उगाई जाती हैं। अत: यहाँ जनसंख्या का घनत्व ज्यादा है।
उत्तर के विशाल मैदान का प्रदेशिक विभाजन
1.भावर
2.तराई
3.बांगर
4.खादर

2.कनाडा तथा संयुक्त राज्य अमेरिका का ग्रेट प्लेन

ग्रेट प्लेन फ्लैट भूमि का व्यापक विस्तार है, इसमें से अधिकांश प्रेयरी, स्टेपपे और घास के मैदान में शामिल है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और पूर्व में मिसिसिपी नदी लम्बाग्रास प्रेयरी के पश्चिम में स्थित है अमेरिका और कनाडा में रॉकी पहाड़ों की। यह गले लगाता है:
उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप, रॉकी पहाड़ों के पूर्व की ओर मैदान। यह कनाडा के मैकेंज़ी नदी के टेक्सास राज्य के डेल्टा से उत्तर और दक्षिण तक फैला है। अक्सर “बड़े मैदान” के रूप में अनुवाद किया जाता है। 600 से 1800 मीटर की ऊंचाई पर, यह पश्चिम की ओर उच्च हो जाता है और पूर्व में जाता है, और अमेरिकी क्षेत्र में यह प्रेयरी में जाता है । एक चरण आकार में कुछ जंगल हैं। रॉकी पर्वत से निकलने वाली कई नदियां पूर्व की तरफ बहती हैं। एक बार भारतीय शिकार बफेलो के आवास, सफेद निपटारे के बाद बड़े नामांकन किए जाने के बाद। उत्तर में वसंत गेहूं और मवेशी, मध्य में मवेशी और सर्दी गेहूं, दक्षिण में मवेशी और भेड़ मुख्य कृषि उत्पाद हैं। कोयले, तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार भी बड़े हैं।

मैदान का नामस्थिति
अमेजन का मैदानयह दक्षिणी अमेरिका में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
पेटागोनिया का मैदानयह दक्षिणी अमेरिका में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
परम्पास का मैदानयह दक्षिणी अमेरिका में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
फ्रांस का मैदानयह फ्रांस (युरोप) में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
युरोप का बड़ा मैदानयह यूरोप में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
दक्षिणी सारबेरिया का मैदानयह युरोप एवं एशिया में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
सहारा का मैदानयह अफ्रीका में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
नील नदी का मैदानयह मिश्र (अफ्रीका) में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
अफ्रीका का पूर्वी तटीय का मैदानयह अफ्रीका के पूर्वी तटीय भाग में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
अफ्रीका का पश्चिमी तटीय का मैदानयह अफ्रीका के पश्चिमी तटीय भाग में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
मालागासी का मैदान का मैदानमालागासी का मैदान मालागासी मेडागास्कर में स्थित एक प्रमुख मैदान हैं।
अरब का बड़ा का मैदानयह सऊदी अरब में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
चीन का मैदानयह चीन में स्थित प्रमुख मैदान हैं।
आस्ट्रेलिया का मैदानयह आस्ट्रेलिया में स्थित प्रमुख मैदान हैं।

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