राष्ट्रीय युवा कोर – योजना मार्गनिर्देशिका

भारत अपनी कुल आबादी में 13 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं का 40 प्रतिशत से अधिक होने के कारण एक अपूर्व जनसांख्यिकीय लाभ अर्जित करने की दहलीज पर पहुंच चुका है। यह अनुयायी वृंद जो देश की जनसंख्या का सबसे जीवंत और उर्जावान अंश है, संभवतः सर्वाधिक मूल्यवान मानव संसाधन हैa। यह उभरता हुआ युवा वर्ग कार्य प्रतिभागिता पर प्रभाव तथा निर्भरता अनुपात के आलोक में देश की वृद्धि एवं विकास के परिप्रेक्ष्य में अवसरों की प्रचुरता का मार्ग हैं, ऐसे अवसर जिन्हें समाप्त होने से पहले ही लपक लेने की जरूरत है। यह विस्तृत संवृद्धि स्वयं में एक चुनौती भी है, जिससे निपटने के लिए मत भिन्नता को दूर करने की जरूरत है। इसके लिए यह जरूरी है कि क्षेत्रीय कार्यक्रमों को उन्नत किया जाए तथा इसके लिए विविध मध्यस्थताओं एवं कार्यक्रमों को तैयार किए जाने की आवश्यकता है जोकि युवाओं के लिए बहु-आयामी ढंग से सहायक हों। राष्ट्रीय विकास में बहु-फलकीय योगदान हेतु युवाओं को योग्य बनाने वाले अवसरों को तलाशने के लिए यह नहीं भूलना चाहिये कि यह जुड़ाव आवश्यक रूप से उनकी शिक्षा की पूर्णता का हिस्सा हो।
मिशन का विवरण
भारत सरकार का यह लगतार प्रयास रहा है कि देश की बहुसंख्यक युवा आबादी (कुल जनसंख्या में से 70%, 35 वर्ष की आयु के नीचे के लोग हैं) की ऊर्जा एवं सामर्थ्य को इस तरह से नियोजित किया जाए जिससे उनको स्वयंसेवक समूहों के रूप में संगठित करके राष्ट्रनिर्माण गतिविधियों में जोड़ा जा सके। जून 2009 में संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए महामहिम राष्ट्रपति जी ने भारत सरकार के वरीयता के क्षेत्रों तथा निश्चित निर्दिष्ट वचन बद्धताओं की विस्तृत रूप रेखा प्रस्तुत की थी जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ सृजनात्मक सामाजिक क्रियाशीलता के लिए एक नए स्वैच्छिक राष्ट्रीय युवा कोर का आरंभ करना भी शामिल था।
पृष्ठभूमि
भारत सरकार ने पहले दो योजनाओं का शुभारम्भ किया था, वर्ष 1977-78 में राष्ट्रीय सेवा कर्मी योजना तथा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय सद्भावना योजना, जिनका कार्यान्वयन नेहरू युवा केन्द्र संगठन के माध्यम से युवा स्वयंसेवकों को युवा आधारित गतिविधियों में प्रतिभागिता के लिए पूर्णकालिक आधार पर नामांकित किया जाता रहा है।
नेहरू युवा केन्द्र संगठन योजना को 1972 में ग्रामीण युवाओं को संगठित करने तथा उन्हें विकासात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आरंभ किया गया था। नेहरू युवा केन्द्र संगठन का नेटवर्क 501 जिलों में फैल चुका है एवं इसे देश के 122 नए जिलों में भी बढ़ाया जा रहा है।
उद्देश्य
राष्ट्रीय युवा कोर की योजना को दो मौजूदा स्वैच्छिक योजनाओं को मिलाकर एक नई योजना के रूप में राष्ट्रीय युवा कोर के नाम से कार्यान्वित किया जाना है। यह योजना 18-25 आयुवर्ग के युवा पुरुष एवं महिलाओं के लिए राष्ट्रनिर्माण गतिविधियों की सेवा में दो वर्ष लगाने के लिए अवसर प्रदान करेगी, जिसके लिए उन्हें उचित मानदेय दिया जाएगा। योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
अनुशासित एवं समर्पित युवाओं का एक ऐसा समूह तैयार करना, जिनमें राष्ट्र निर्माण का कार्य करने की भावना एवं उत्साह हो।
समावेशित वृद्धि (सामाजिक एवं आर्थिक दोनों) की अनुभूति को सुगम बनाना।
समुदाय में सूचना, प्राथमिक ज्ञान के प्रसार के लिए एक केन्द्र के रूप में कार्य करना।
समूह नियन्त्रक एवं पीयर ग्रुप शिक्षक के रूप में कार्य करना।
विशेष रूप से सार्वजनिक नैतिकता, ईमानदारी और श्रम की महत्ता को बढ़ावा देने हेतु युवा समूह अनुयायी वृंद के लिए एक आदर्श के रूप में कार्य करना।
स्वयंसेवकों की संख्या एवं नियुक्ति
कुल 20,000 स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाएगी जिसमें से 8000 स्वयंसेवकों की नियुक्ति जम्मू एवं कश्मीर राज्य में की जाएगी। इन 8000 स्वयंसेवकों में से 7700 का पंजीयन एवं नियुक्ति जम्मू एवं कश्मीर सरकार द्वारा की जाएगी। शेष 300 स्वयं सेवक नेहरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा जम्मू एवं कश्मीर में तैनात किए जाएंगे। अन्य 12,000 स्वयंसेवकों की नियुक्ति शेष देश में की जाएगी। यह नियुक्ति केवल दो वर्ष के लिए होगी। नियुक्ति की अवधि में स्वयंसेवकों के हट जाने की स्थिति में कम हुई संख्या/पुनस्र्थापन स्वयं सेवकों की कुल संख्या तक उस सुरक्षित सूची में से किया जा सकेगा, जोकि उनके चयन के समय तैयार की जाएगी।
कार्यान्वयन संस्था
युवा कार्यक्रम विभाग, भारत सरकार योजना के सम्पूर्णतः कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी होगा। युवा कार्यक्रम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत नेहरू युवा केन्द्र संगठन कार्यान्वयन शाखा के रूप में कार्य करेगा।
जहां तक जम्मू कश्मीर राज्य का सम्बंध है, राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी होगी कि वे स्वयं सेवकों को पंजीकृत करें और उनकी नियुक्ति करें तथा स्थानीय आवश्यकता/अपेक्षा के अनुसार उनको उपयुक्त काम दें।
राष्ट्रीय युवा कोर में स्वयंसेवक के रूप में नामांकन के लिए आवश्यक योग्यता
योग्यता :
– विशेष श्रेणी के राज्य जैसे जम्मू एवं कश्मीर एवं पूर्वोत्तर में कम से कम कक्षा 10वीं/सेकेंडरी स्कूल या उच्चतर परीक्षा उत्तीर्ण
अन्य सभी राज्यों में कम से कम 12वीं/सीनियर सेकेंडरी या उच्चतर परीक्षा उत्तीर्ण
आयु :- पंजीयन के वर्ष में 01 अप्रैल को कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष।
पूर्णकालिक नियुक्ति की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए जिन छात्रों का नामांकन नियमित शैक्षिक पाठ्यक्रम के लिए हुआ है वे इस योजना के तहत पंजीयन के योग्य नहीं होंगे।
समाज के कमजोर वर्गों यथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की प्रतिभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा स्वयं सेवको के पंजीयन एवं नियुक्ति दोनों में यथासंभव लिंग संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

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