उत्तर सिंक द्वीप

उत्तर सिंक द्वीप भारत के अण्डमान व निकोबार द्वीपसमूह के अण्डमान द्वीपसमूह भाग में रटलैण्ड द्वीप और छोटे अण्डमान के बीच डंकन जलसन्धि में स्थित एक छोटा-सा टापू है। यह एक निर्जन द्वीप है (यहाँ कोई नहीं रहता)। यह महात्मा गांधी समुद्री राष्ट्रीय उद्यान का हिस्सा है। कभी यह एक रेत की पट्टी द्वारा अपने से १ किमी दूर स्थित दक्षिण सिंक द्वीप से जुड़ा होता था लेकिन 2004 के भूकम्प में यह पट्टी डूब गई और द्वीप अलग हो गये थे। समय के साथ-साथ पट्टी फिर से बन गई है और अक्सर इन दोनों द्वीपों को एक ही सिंक द्वीप समझा जाता है।

भूगोल
द्वीप रटलैण्ड द्वीप से 5.4 किमी दक्षिणपूर्व में स्थित है और इन दोनों द्वीपों के बीच के डंकन जलसंधि क्षेत्र को मैनर्ज़ जलसन्धि भी कहते हैं। उत्तर सिंक द्वीप के तीन पथरीले उपद्वीप हैं जो एक-दूसरे से रेतीली पट्टीयों द्वारा जुड़े हैं। उत्तरी उपद्वीप सबसे बड़ा है – यह उत्तर-दक्षिण दिशा में 2.9 किमी और पूर्व-पश्चिम में 1.4 किमी चौड़ा है, और इसपर 161 मीटर और 173 मीटर ऊँची दो पहाड़ियाँ हैं। मध्य उपद्वीप, जो सबसे दक्षिणी भी है, उत्तरी उपद्वीप से 270 मीटर दक्षिण में है और लगभग 1 किमी चौड़ा है। इसपर बिना किसी वपस्पतियों वाली एक 89 मीटर ऊँची पहाड़ी है। तीसरा उपद्वीप दक्षिणी उपद्वीप से 150 मीटर पश्चिम पर स्थित है और एक 400 मीटर चौड़ा अण्डाकार है। उत्तरी उपद्वीप की अधिक ऊँचाई वाले पहाड़ पर सन् 1972 में भारत सरकार ने एक प्रकाशस्तम्भ बनाया था।
पर्यटन
अपने भरपूर समुद्री-जीवन के लिये यहाँ कई पर्यटक गोताख़ोरी करने आते हैं।

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