एकार्थक प्रतीत होने वाले शब्द

अनेकार्थी शब्द
ऐसे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं, वे अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं | जैसे –
कनक = सोना, गेहूँ, धतूरा आदि |
तप = तपस्या, गरमी, धूप |
जैसे – हार → गले का हार, पराजय
माँ ने सोने का एक सुंदर हार खरीदा |
खेल में मोहन की हार हो गयी |
कुल = वंश, सब, घर
(1) राम अपने कुल का इकलौता बेटा है |
(2) सीता के पास कुल चार किताबें हैं |

एकार्थक प्रतीत होने वाले शब्द
ऐसे शब्द जो देखने में एक-दूसरे के पर्यायवाची लगते हैं, लेकिन उनके अर्थ में भिन्नता होती है, वे एकार्थक प्रतीत होने वाले शब्द कहलाते हैं |
जैसे :-
ईर्ष्या – दूसरों की उन्नति देखकर मन में होनेवाली जलन |
द्वेष – किसी से शत्रुता का भाव |
अपराध – सरकारी क़ानून तोड़ना |
पाप – धार्मिक नियमों को तोड़ना |

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