भागीरथी नदी जाने वाली सहायक नदियाँ

भागीरथी भारत के उत्तराखण्ड राज्य में बहने वाली एक नदी है। यह देवप्रयाग में अलकनंदा से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती है। भागीरथी का उद्गम स्थल उत्तरकाशी ज़िले में गौमुख (गंगोत्री ग्लेशियर) है। भागीरथी यहाँ 25 कि॰मी॰ लम्बे गंगोत्री हिमनद से निकलती है। 2005 किमी बहने के बाद, भागीरथी व अलकनंदा का देवप्रयाग में संगम होता है, जिसके पश्चात वह गंगा के रूप में पहचानी जाती है।

अवस्थिति
भागीरथी गोमुख स्थान से 25 कि॰मी॰ लम्बे गंगोत्री हिमनद से निकलती है। यह स्थान उत्तराखण्ड राज्य में उत्तरकाशी जिले में है। यह समुद्रतल से 618 मीटर की ऊँचाई पर, ऋषिकेश से 70 किमी दूरी पर स्थित हैं।
टिहरी बाँध
भारत में टिहरी बाँध, टेहरी विकास परियोजना का एक प्राथमिक बाँध है, जो उत्तराखण्ड राज्य के टिहरी में स्थित है। यह बाँध भागीरथी नदी पर बनाया गया है। टिहरी बाँध की ऊँचाई 260 मीटर है, जो इसे विश्व का पाँचवा सबसे ऊँचा बाँध बनाती है। इस बाँध से 2400 मेगा वाट विद्युत उत्पादन, 270,000 हेक्टर क्षेत्र की सिंचाई और प्रतिदिन 102.20 करोड़ लीटर पेयजल दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवँ उत्तराखण्ड को उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित किया गया है।
सहायक नदियाँ
रुद्रागंगा- गंगोत्री ग्लेशियर के पास रुद्रागेरा ग्लेशियर से निकलती है।
केदारगंगा- केदारताल से निकलकर गंगोत्री में भागीरथी से मिलती है।
जाडगंगा / जाह्नवी – भैरोघाटी नामक स्थान पर भागीरथी नदी से मिलती है।
सियागंगा- झाला नामक स्थान पर गंगा नदी से मिलती है।
असीगंगा- गंगोरी में भागीरथी से मिलती है ।
भिलंगना- खतलिंग ग्लेशियर टेहरी से निकलकर गणेशप्रयाग में भागीरथी से मिलती है । अब यह संगम टेहरी डैम में डूब चुका है।
भिलंगना की सहायक नदियां – मेडगंगा, दूधगंगा,बालगंगा।
अलकनंदा- यह देवप्रयाग में भााागिरथी से मिलती है।जो मिलकर गंगा नदी बनाती हैं।

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