संसार के सबसे खुंखार आदिवासी जनजातियां कौन सी हैं? आप भी जानिए

जनजाति (tribe) वह सामाजिक समुदाय है जो राज्य के विकास के पूर्व अस्तित्व में था या जो अब भी राज्य के बाहर हैं। जनजाति वास्‍तव में भारत के आदिवासियों के लिए इस्‍तेमाल होने वाला एक वैधानिक पद है। भारत के संविधान में अनुसूचित जनजाति पद का प्रयोग हुआ है और इनके लिए विशेष प्रावधान लागू किये गए हैं।
भारतीय संविधान में आदिवासियों के लिए ‘अनुसूचित जनजाति’ पद का उपयोग किया गया है। भारत के प्रमुख आदिवासी समुदायों में किरात गोंड,मुंडा, खड़िया, हो, बोडो, भील, डामोर खासी, सहरिया, संथाल, मीणा, उरांव,लोहरा, परधान, बिरहोर, पारधी, आंध, टाकणकार आदि हैं। भारत में आदिवासियों को प्रायः ‘जनजातीय लोग’ के रूप में जाना जाता है। आदिवासी मुख्य रूप से भारतीय राज्यों उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में मुख्यतः बाँसवाड़ा डूंगरपुर , गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक है जबकि भारतीय पूर्वोत्तर राज्यों में यह बहुसंख्यक हैं, जैसे मिजोरम। भारत सरकार ने इन्हें भारत के संविधान की पांचवी अनुसूची में ” अनुसूचित जनजातियों ” के रूप में मान्यता दी है। अक्सर इन्हें अनुसूचित जातियों के साथ एक ही श्रेणी ” अनुसूचित जाति एवं जनजाति ” में रखा जाता है। बहुत से छोटे आदिवासी समूह आधुनिकीकरण के कारण हो रहे पारिस्थितिकी पतन के प्रति काफी संवेदनशील हैं। व्यवसायिक वानिकी और गहन कृषि दोनों ही उन जंगलों के लिए विनाशकारी साबित हुए हैं जो कई शताब्दियों से आदिवासियों के जीवन यापन का स्रोत रहे हैं।
आदिवासी शब्द दो शब्दों ‘आदि’ और ‘वासी’ से मिल कर बना है और इसका अर्थ मूल निवासी होता है। भारत की जनसंख्या का 8.6% जितना एक बड़ा हिस्सा आदिवासियों का है। पुरातन लेखों में आदिवासियों को अत्विका और वनवासी भी कहा गया है । महात्मा गांधी ने आदिवासियों को गिरिजन कह कर पुकारा है।
यहां पर कोई बाहर का इंसान आने की हिम्मत नहीं रखता।
इस समुदाय के लोगो को मुर्सी (Mursi) कहा जाता है और इनको काफी खतरनाक माना जाता है| Mursi जनजाति के लोग साउथ इथियोपिया (South Ethiopia) और सूडान बॉर्डर के ओमान वैली में रहते हैं। इन लोगों की कुल आबादी करीब 10 हजार है। ये बाहर की दुनिया से काफी दूर रहते है और इन्होने सैकड़ो लोगो की जान ली है जो इनकी इजाज़त के बगैर इनके समुदाय में आ गए थे| मुर्सी जनजाति को एक चीज और अलग और खतरनाक बनाती है। ये लोग आज भी अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार जीते है। लेकिन सुरक्षा के लिए इनके पास ढेर सारे आधुनिक हथियार मौजूद होते हैं। यहां तक बताया जाता है कि इनके पास AK-47 बंदूक तक पाई जाती है।
Mursi जनजाति के लोग अपने परंपराओं को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहते हैं। लोगों की बुरी नजर से बचने के लिए Mursi जनजाति की महिलाएं बॉडी मोडिफिकेशन की प्रक्रीया के तहत अपने निचले होंठ में लकड़ी या मिट्टी की बनी डिस्क पहनती है।
इनकी सोच काफी खतरनाक है क्यूंकि इनका मानना की किसी को मारे बगैर जिन्दा रहने का कोई मतलब नहीं है और 2012 में इनसे लोगो ने संपर्क करने की कोशिश की थी, जो असफल रही और लगभग 12 लोगो ने अपनी जिन्दगी खो दी जो गाइड थे, तब से सरकार ने संपर्क करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है।

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