पृथ्वी की ऐसी कौन सी चीजें है जो अंतरिक्ष से भी दिखाई देती है?

पृथ्वी, सूर्य से तीसरा ग्रह और ज्ञात ब्रह्माण्ड में एकमात्र ग्रह है जहाँ जीवन उपस्थित है। यह सौर मंडल में सबसे घना और चार स्थलीय ग्रहों में सबसे बड़ा ग्रह है।
रेडियोधर्मी डेटिंग और साक्ष्य के अन्य स्रोतों के अनुसार, पृथ्वी की आयु लगभग 4.54 बिलियन साल हैं। पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण, अंतरिक्ष में अन्य पिण्ड के साथ परस्पर प्रभावित रहती है, विशेष रूप से सूर्य और चंद्रमा से, जोकि पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह हैं। सूर्य के चारों ओर परिक्रमण के दौरान, पृथ्वी अपनी कक्षा में 365 बार घूमती है; इस प्रकार, पृथ्वी का एक वर्ष लगभग 365.26 दिन लंबा होता है। पृथ्वी के परिक्रमण के दौरान इसके धुरी में झुकाव होता है, जिसके कारण ही ग्रह की सतह पर मौसमी विविधताये (ऋतुएँ) पाई जाती हैं।
किसी ब्रह्माण्डीय पिण्ड, जैसे पृथ्वी, से दूर जो शून्य होता है उसे अंतरिक्ष कहते हैं। इस परिभाषा के अनुसार अंतरिक्ष में धरती के वायुमंडल को भी शामिल कर सकते हैं। लेकिन हिन्दी अर्थ में प्रायः वायुमंडल को शामिल नहीं किया जाता। वास्तव में अंतरिक्ष इतना बड़ा है कि हम इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते।
भौतिक विज्ञान किसी गैलेक्सी के अंतर्निहित भौतिक विज्ञान की व्याख्या कर सकता है, फिर भी मंदाकिनियों के कई पहलुओं को अभी तक उनकी भौतिकी के माध्यम से अच्छी तरह से वर्णित नहीं किया गया है। गांगेय भौतिक विज्ञान सभी भौतिक विज्ञानों के लिए प्रयुक्त होने वाला शब्द है जिसे ब्रह्मांड में किसी भी गैलेक्सी या किसी विशेष गैलेक्सी के लिए लागू किया जा सकता है।
गैलेक्सी की संरचना और विकास में गैलेक्सी की संरचना और विकास में गैलेक्सीएं, और अण्डाकार विशालकाय गैलेक्सीएं, घुमावदार गैलेक्सीएं, M31 एंड्रोमेडा गैलेक्सी तथा अन्य शामिल हैं।
सामान्य अंतर-गैलेक्सी प्रक्रियाओं में ब्लैक होल, गोलाकार समूह, उपग्रह गैलेक्सी, पीछे की ओर आवर्तन, हेलो सितारे, तीव्र गति वाले बादल, अंगूठीनुमा तारे, अभिवृद्धि डिस्क, गुरुत्व, कोणीय गति, केन्द्राभिमुख शक्ति, ज्वारीय प्रभाव, श्यानता, कक्षा की गति, अभिवृद्धि डिस्क, सक्रिय गैलेक्सी नाभिक, प्रोटोप्लेनेटरी डिस्क है, गामा किरण विस्फोट और अन्य शामिल हैं।
मिल्की वे गैलेक्सी भौतिक विज्ञान में मिल्की वे गैलेक्सी से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित संपूर्ण विज्ञान शामिल है: हेलो तारे, मिल्की वे तीव्र गति के बादल, मिल्की वे अंगूठीनुमा तारे, मिल्की वे अभिवृद्धि डिस्क, मिल्की वे गुरुत्व, मिल्की वे कोणीय गति, मिल्की वे केन्द्राभिमुख शक्ति, मिल्की वे ज्वारीय प्रभाव, मिल्की वे श्यानता, मिल्की वे कक्षा की गति, मिल्की वे क्षितिज घटना, मिल्की वे ब्लैक होल और अन्य शामिल हैं।
पृथ्वी की ऐसी कौन सी चीजें है जो अंतरिक्ष से भी दिखाई देती है?
अंतरिक्ष से दिखती है चीन की दीवार
1 . ग्रेट वॉल ऑफ चाइना

मंगोलिया के मध्य तक फैली चीन की विशाल दीवार करीब 13,000 मील तक फैली हुई है। ये दीवार आज से करीब 2,200 साल पहले खड़ी की गई थी। कई शताब्दियों तक इसे धरती पर इंसानों के हाथों का बनाया गया सबसे लाजवाब स्ट्रक्चर का दर्जा दिया गया। इसके बाद जब इंसान सबसे पहले स्पेस की कक्षा में पहुंचा, उसको वहां से नीचे धरती पर दिखाई देने वाली सबसे पहली आकृति थी ग्रेट वॉल ऑफ चाइना। बता दें कि धरती पर यही वह सबसे पहला ऑब्जेक्ट था जो स्पेस या चांद की कक्षा से सबसे साफ दिखाई दिया। हालांकि उसके बाद ये भी बताया गया कि धरती के ऐसे ऑब्जेक्ट्स को देखने के लिए जरूरी है कि आप धरती के सबसे करीब वाली कक्षा में हों। ऐसा ही ऑर्बिट है ISS। पृथ्वी की कक्षा से 350 किमी की ऊंचाई पर स्थित है ये ऑर्बिट। यहीं से देखी गई ये ग्रेट वॉल ऑफ चाइना। वैसे यहां ये भी बताया गया कि धरती के ऐसे ऑब्जेक्ट्स आपको चांद की कक्षा से भी दिखाई नहीं देंगे। कारण है कि वह धरती से 230,000 मील दूर है।
2 . धरती के एक से बढ़कर एक नजारे
रात के समय शहरों का फैलाव अविश्वसनीय रूप में बड़ा लगने लगता है। इसी क्रम में न्यूयॉर्क का मेट्रोपोलिटन एरिया करीब 8,600 स्क्वायर किमी को कवर करता है। इसी के साथ वह शहर जो रातों में भी जागते हैं, वहां की अंधेरे में जली हुईं लाइटें स्पेस से देखने पर जमीन पर बिछे हुए तारों के जैसे दिखाई पड़ते हैं। ऐसे नजारे की स्पेस से ली गई तस्वीर बेमिसाल है। कुछ इसी तरह जब अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस से दिन की रोशनी में टोक्यो, न्यूयॉर्क, साओ पाउलो नजर नहीं आए, ये सभी शहर उनको रात के अंधेरे में एकदम साफ जगमगाते दिखे। ये शहर जगमगा रहे थे रात में यहां बिजली की रोशनी से और स्पेस से तो इनका नजारा और भी ज्यादा खूबसूरत था।
3 . डेज़र्ट रोड्स
यूं तो स्पेस से रेगिस्तान पर बनी सड़कों को देखना आसान न होता, लेकिन अपने एरिया में वह इतनी दूर-दूर तक फैली हैं कि स्पेस की ऊंचाई से देखने पर ये एक पतली लकीर की तरह अलग से दिखाई देती हैं। ऐसे में पृथ्वी के करीब की कक्षाओं से इनको एक परफेक्ट लाइन के रूप में देखा जा सकता है। आगे से जब आप कभी भी किसी रेगिस्तान के बोरिंग हाइवे पर अकेले हों, तो सोचिएगा कि आप जिस हाईवे पर खड़े हैं वह ISS से साफ और अलग सा नजर आ रहा होगा।
4 . गीज़ा के पिरामिड्स
आज से करीब 4,500 साल पहले बने विश्वप्रसिद्ध गीज़ा की पिरामिड्स। इनको भी स्पेस से देखा जा सकता है, लेकिन याद रखिए कि खाली आंखों से नहीं। इनको यहां से देखने के लिए आपको मैग्निफाइंग हाईपावर्ड कैमरों की जरूरत पड़ेगी। ISS की कक्षा से भी ये आपको दिखाई देंगे, लेकिन यहां से भी इनको देखने के लिए आपको लेंसेस का इस्तेमाल करना होगा।

5 . दुबई के आईलैंड्स
अमीर और मशहूर लोगों के लिए एक मॉर्डन प्लेग्राउंड माना जाता है दुबई को। काफी हद तक ये सही भी है। यहां बनाए गए आर्टीफीशियल आईलैंड्स की सीरीज़ सबसे ज्यादा एक्सक्लूसिव हैं। यहां 300 आईलैंड्स को जोड़कर बनाया गया शेप ग्लोब में देख्ाने पर पाम ट्री का लुक देता है। ये करीब 100,000 क्यूबिक मीटर पर फैला हुआ है। स्पेस से इसके पाम ट्री के शेप को बेहद आसानी से देखा जा सकता है।
6 . स्पैनिश ग्रीन हाउसेस
स्पेन के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 64,000 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ क्षेत्र अलमायरा के ग्रीन हाउस के नाम से फेमस है। यहां दूर-दूर तक फैली हुई ग्रीनरी स्पेस से देखने पर अलग ही नजर आती है। इन्हीं को स्पैनिश ग्रीन हाउसेस का नाम दिया गया है।
7 . थाईलैंड का ‘बैंग ना एक्सप्रेस-वे’
स्पेस की ऊंचाई से धरती पर नीले पानी के बड़े हिस्से को आसानी से देखा जा सकता है। अंतरिक्ष से नीचे नजर डालने पर अंतरिक्ष यात्रियों को इसपर बने पुल इस पानी के बड़े हिस्से को अलग करते नजर आते हैं। वैसे इनको अलग-अलग इनके नामों से पहचान पाना नामुमकिन होगा। ऐसे में थाईलैंड में समुद्र के ऊपर बना ‘बैंग ना एक्सप्रेस-वे’ पृथ्वी की करीब की कक्षा से साफ नजर आता है।

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